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GUNAH...

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Hello everyone!!! Today's blog is based on a very prevailing social issue, that is right there in front of all of us but the irony is that we are unable to recognise it! "According to a report by child rights NGO CRY, sexual offence is committed against a child in every 15 minutes!"                                 गुनाह लड़की थी वो एक अकेली, चल ही तो रही थी वो, गुनाह बस इतना था उसका, की वो चल रही थी बिना रखवाली। क्यों ना सोचा किसीने कभी, क्यों आंख बंध कर रहे थे सभी, उससे क्या पता था, की अगले 10मिनट, उसकी ज़िंदगी बदलने ही वाले थे अभी। उन चार लोगों ने कुछ रास्ता इस कद्र रोका, ना छोड़ा उस लड़की के पास एक भी मौका। वो रोई, वो चिल्लाई, पर किसी ने भी उन लड़कों को न टोका। उनके लिए था वो वक़्त एक मज़ा, पर उस लड़की की पूरी ज़िंदगी बन के रह गयी, तो सिर्फ एक सज़ा! न सोचा उन्होंने अपने कदमो के बारे में, न सोचा उन्होंने अपने संस्कारो के बारे में, किया जो करना था, फिक्र न की, कि...